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up board class 11th hindi half yearly exam paper 2022-23 /यूपी बोर्ड कक्षा 11वी हिन्दी अर्द्ध वार्षिक परीक्षा पेपर का सम्पूर्ण हल

 up board class 11th hindi half yearly exam paper 2022-23 

यूपी बोर्ड कक्षा 11वी हिन्दी अर्द्ध वार्षिक परीक्षा पेपर का सम्पूर्ण हल 2022–23             

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अर्द्ध वार्षिक परीक्षा, 2022-23

विषय - सामान्य हिन्दी


कक्षा-11


समय: 3 घण्टा 15 मिनट                पूर्णांक : 100


निर्देश - प्रारम्भ के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।


खण्ड 'क'.


1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए।


(क) मुंशी प्रेमचन्द ने उपन्यास लिखा है-


 (a) चन्द्रकांता 

(b) गोदान

(c) परीक्षा गुरु

(d) पुनर्नवा


(ख) 'आवारा मसीहा' के लेखक हैं -


(a) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'

(b) विष्णु प्रभाकर

(c) प्रेमचन्द

(d) जैनेंद्र


(ग) 'कुटज' के लेखक हैं-


(a) प्रेमचन्द

(b) डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी

(c) भगवतीचरण वर्मा

(d) अज्ञेय


 (घ) 'सरयूपार' की यात्रा के लेखक हैं -


(a) राहुल सांकृत्यायन 

(b) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

 (c) धर्मवीर भारती 

(d) प्रेमचन्द 


(ङ) 'काका कालेलकर' किस विधा-लेखन हेतु प्रसिद्ध हैं?

 (a) आत्मकथा

 (b) संस्मरण

 (c) डायरी 

(d) निबंध


2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए-


 (क) 'श्रीकृष्ण गीतावली' के रचयिता हैं 


(a) कवि सूरदास 

(c) नन्ददास 

b) गोस्वामी तुलसीदास 

(d) कृष्ण दास


(ख) 'साकेत' महाकाव्य है 


(a) भारतेन्दु युग 

(b) द्विवेदी युग 

(c) छायावाद

 (d) प्रगतिवाद


(ग) रीतिबद्ध काव्यधारा के प्रतिनिधि कवि हैं


(a) रसखान 

(b) बिहारी 

(c) बोधा

(d)आलम


(घ) 'पृथ्वी राजरासो' में प्रधानता है 


(a) शृंगार रस 

(b) वीररस 

(c) शांत रस  

(d) हास्य रस


(ङ) 'शिवा बावनी' के रचयिता हैं - 


(a) कवि बिहारी

 (b) चिन्तणि

(c) मतिराम

(d) भूषण


3. निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए


 हमारे हिन्दुस्तानी लोग तो रेल की गाड़ी हैं। यद्यपि फर्स्ट क्लास, सेकण्ड क्लास, आदि गाड़ी बहुत अच्छी-अच्छी और बड़े-बड़े महसूल की इस ट्रेन में लगी हैं पर बिना इंजन सब नहीं चल सकर्ती, वैसे ही हिन्दुस्तानी लोगों को कोई चलाने वाला हो तो वे क्या नहीं कर सकते, इनसे इतना कह दीजिए “का चुपसाधि बलवाना," फिर देखिए हनुमान जी को अपना बल कैसे याद आता है; सो बल कौन याद दिलावे।


(क) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।

(ख) "हमारे हिन्दुस्तानी लोग तो रेल की गाड़ी हैं।" इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए

(ग) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(घ) उपर्युक्त गद्यांश में हिन्दुस्तानियों को किस कमजोरी की ओर संकेत किया गया है

(ङ) उक्त गद्यांश में हिन्दुस्तानियों की तुलना किससे और क्यों की गई है ?


अथवा


सूर्योदय होते ही अन्धकार भयभीत होकर भागा, भागकर वह कहीं गुहाओं के भीतर और कहीं घरों के कोनों और कोठरियों के भीतर जा छिपा। मगर वहाँ भी उसका गुजारा न हुआ, सूर्य यद्यपि बहुत दूर आकाश में था, तथापि उसके प्रबल तेज प्रताप ने छिपे हुए अन्धकार को न उन जगहों से भी निकाल बाहर किया, निकाला ही नहीं, अपितु उसका नाश भी कर दिया। बात यह है कि तेजस्वियों का कुछ स्वभाव ही ऐसा होता है कि एक निश्चित स्थान में रहकर भी वे अपने प्रताप की धाक से दूर स्थित शत्रुओं का भी सर्वनाश कर डालते हैं।


(क) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।

(ख) सूर्योदय होते ही अन्धकार का सर्वनाश किस प्रकार किया ?

(ग) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(घ) तेजस्वी लोगों की क्या विशेषता होती है?

(ङ) उपर्युक्त गद्यांश की भाषा एवं शैली पर प्रकाश डालिए।


4.निम्नलिखित पद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।


पाणी हीतैं हिम भया, हिम है गया बिलाइ ।

जो कुछ था सोई भया, अब कुछ कहा ना जाइ ॥


(क) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।

(ख) उपर्युक्त पद्यांश में प्रतिपादित विषय का उल्लेख करते हुए उसे समझाइए ।

(ग) रेखांकित अंश की प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए।

(घ) पद्यांश के काव्य-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए।

(ङ) उपर्युक्त पद्यांश में विद्यमान काव्य-सौन्दर्य के तत्वों का उल्लेख कीजिए।


अथवा


हमारैं हरि हारिल की लकड़ी।

मनक्रम वचन नंद नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी ।।

जागत-सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जकरी ।

सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यों करूई ककरी ॥

सु तौ व्याधि हमकौं ले आए, देखी सुनी न करी ।

यह तौ सूर तिनहिं लै सौंपौ, जिनके मन चकरी ॥


(क) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ एवं प्रसंग लिखिए।

(ख) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

(ग) “हमारैं हरि हारिल की लकरी" इस पंक्ति के माध्यम से गोपि या कहना चाहती हैं?

(घ) पद्य का भाव स्पष्ट कीजिए।

(ङ) पद्यांश में भाषा शब्द-शक्ति, रस और अलंकार बताइए ।


5. (क) निम्नलिखित में से किसी एक लेखक का साहित्यिक परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाएँ लिखिए (शब्द सीमा 80 शब्द) 


(i) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

 (ii) महावीरप्रसाद द्विवदी 

(iii) सरदार पूर्णसिंह 


(ख) निम्नलिखित में से किसी एक कवि का जीवन-परिचय देते हुए उनकी प्रमुख रचनाएँ लिखिए (शब्द सीमा 80 शब्द) 


तुलसीदास, सूरदास, मैथिलीशरण गुप्त 


6. 'बलिदान' अथवा 'आकाश दीप' कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखिए। 


7. स्वपठित 'नाटक' के चतुर्थ अंक की कथावस्तु लिखिए।


खण्ड (ख)


8. (क) दिये गये संस्कृत गद्यांशों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए 2+5=7


 इतिहास प्रसिद्धः नीतिनिपुणः मुगलशासक: अकबरनामा दिल्ल्याः सुदूरे पूर्वस्यादिशिस्थिात्यो कड़ाजौनपुरनामकयो समुद्धयो राज्ययो निरीक्षणं दुष्कर विज्ञाय तयोर्मर्ध्यप्रयोग गङ्गायमुनाथ परिवृत दृढ़ दुर्गमकारयत् गङ्गा प्रवाहाच्चास्य रक्षणाय विशाल वन्धमूत्यकारत् योऽधापि नगस्य गङ्गायाश्च मध्ये सीमा इन स्थितोऽस्ति । अयमेव प्रयागस्य नाम स्वकीयस्य इलाही धर्मस्यानुसारेण इलाहाबाद इत्यकरोत्। इदं दुर्गमतीव विशाल सुदृढ़ सुरक्षादृष्ट्या च अतिमहत्वपूर्ण मस्ति भारतस्य स्वतन्त्रतान्दोलनस्य इंद नगरं प्रधान केन्द्रम् आसीत् ।


अथवा


अस्योपत्यकायां विद्यमानः कशमीरे देशः स्वकीयाभिः भूस्वर्ग इति संज्ञया अभिहितो भवति लोके ततश्च पूर्वस्या दिशि स्थितः किन्नर-देशो देवभूमिनाम्ना प्राचीन सहित्ये प्रसिद्ध आसीत्। अद्यापि कुतूघाती 'इति नाम्ना प्रसिद्धोऽयं प्रदेश: रमणीयतया केषा मनो न हरति ? शिमला, देहरादून, मसूरी, नैनीताल प्रभृतीनि नगराणि देशस्य सम्पन्नान् जनान् ग्रीष्मत बदिव आकर्षन्ति । एभ्योऽपि पूर्वस्मिन् भागेऽवस्थितः रमणीयतमः प्रदेश कामरूपतया कामरूप इति संज्ञया अभिधीयते।


(ख) दिये गये संस्कृत श्लोकों में से किसी एक श्लोक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए 2+5=7


विश्वानि देव सवितर्दुरितानि परासुवः । 

यद् भद्रं तन्न आसु ॥


अथवा


अकीर्ति विनयो हन्ति हन्त्यनर्थं पराक्रमः ।

हन्ति नित्यं क्षमा क्रोधमाचारो हन्त्यलक्षणम् ॥


9. निम्नलिखित मुहावरों और लोकोक्तियों में से किसी एक का अर्थ लिखकर अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए 1+1=2


(क) पापड़ बेलना

(ख) पानी उतर जाना

(ग) भण्डाफोड़ करना

(घ) मक्खन लगाना


10. (क) निम्नलिखित शब्दों के सन्धि-विच्छद के सही विकल्प का चयन कीजिए-


(i) 'पुस्तकालय:' का सन्धि-विच्छेद है


(अ) पुस्त + आलय:

(ब) पुस्तका + लयः

(स) पुस्तक + आलय:

(द) पुस्तक + लयः


(ii) 'भावुक' का सन्धि-विच्छेद है


(अ) भौ + उकः

(ब) भाऊ + अक:

(स) भौ + उकः

(द) भाव + उकः


(iii). 'नरेन्द्रः' का सन्धि-विच्छेद है


(अ) नर + एन्द्रः

(ब) नरे + ऐन्द्र:

(स) नर + इन्द्र:

(द) नरेन्द्र:


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