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महत्त्वपूर्ण शब्दों की पर्यायवाची//महत्त्वपूर्ण वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद

 महत्त्वपूर्ण शब्दों की पर्यायवाची


महत्त्वपूर्ण वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद

महत्त्वपूर्ण शब्दों की पर्यायवाची   महत्त्वपूर्ण वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद         पर्यायवाची शब्द   अर्थ एवं परिभाषा   अर्थ की दृष्टि से समानता रखने वाले शब्द 'पर्यायवाची शब्द' कहलाते हैं, इन्हें समानार्थी शब्द भी कहा जाता है। जैसे-'आँख' के पर्यायवाची शब्द नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, विलोचन, दृग, अक्षि आदि हैं।   यह तथ्य ध्यान रखने योग्य है कि किसी भी भाषा में कोई भी दो शब्द पूर्ण रूप से समान नहीं होते हैं। यही कारण है कि पर्यायवाची शब्दों में समानता होने के बावजूद थोड़ी-बहुत भिन्नता अवश्य होती है। इसीलिए प्रसंग एवं सन्दर्भ के अनुकूल पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। अर्थ की अत्यधिक समानता होने पर भी पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर नहीं हो सकता।   उदाहरणार्थ- आज प्रातःकाल से ही वर्षा हो रही है।   चौमासे के दौरान सभी नदी-नाले उफान पर होते हैं। उपरोक्त उदाहरणों में रेखांकित शब्द 'वर्षा' तथा 'चौमासा' एक-दूसरे के पर्याय हैं, परन्तु प्रस्तुत वाक्य पढ़ने से ही स्पष्ट हो जाता है कि यहाँ 'वर्षा' और 'चौमासे' का एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग करना असंगत एवं अनुचित होगा।   महत्त्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द   अध्यापक –आचार्य, गुरु, शिक्षक, प्रवक्ता, व्याख्याता   अप्सरा –अद्भुत, अनूठा, अपूर्व, अद्वितीय, अप्रतिम,  अनोखा   अनुपम –सुरबाला, देवबाला, देवांगना, दिव्यांगना, सुर-सुन्दरी   अन्धकार– तम, तिमिर, अँधेरा, तमिस्रा, ध्वान्त    असुर  – दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर, खल, रचनीचर, दनुज   अपमान – अनादर, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर, अवमान, बेइज्जती    अहंकार – अभिमान, गर्व, घमण्ड, मद, दर्प   आकाशगंगा – मन्दाकिनी, नभोनदी, नभगंगा, स्वर्गनदी, सुरनदी   आतंक – विभीषिका, उपद्रव, अतिभय, संत्रास, दहशत    आपत्ति – आपदा, मुसीबत, विपदा, विपत्ति   आशीर्वाद – आशीष, मंगलकामना, आशीर्वचन    आभूषण – गहना, भूषण, अलंकार, जेवर   इन्द्रधनुष –शक्रचाप, सप्तकर्ण, धनु, इन्द्रधनु, सुरचाप, धनुक    ईर्ष्या –  ईर्षा, जलन, डाह, कुढ़न, द्वेष    उत्सव – मंगलकार्य, पर्व, जलसा, त्योहार, समारोह   ऐश्वर्य – वैभव, सम्पदा, सम्पन्नता, समृद्धि, श्री, धनसम्पत्ति   औषधि  – दवा, दवाई, रसायन, भेषज   कर –हस्त, हाथ, पाणि, भुज, भुजा   काक –कौआ, काग, काण, वायस, पिशुन, करठ   कान – कर्ण, श्रवण, श्रोत्र   खल –दुष्ट, अधम, पामर, नीच, शठ, दुर्जन, कुटिल, धूर्त, नृशंस   खेती – कृषि, किसानी, कृषिकार्य, काश्तकारी, कृषिकर्म    गरुड़– खगेश, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय   गाँव – ग्राम, मौजा, पुरवा, बस्ती, देहात    जानकी – सीता, वैदेही, जनकसुता, जनकतनया, जनकात्मजा    झण्डा – ध्वज, पताका, केतु, निशान   झरना – प्रपात, निर्सर, स्रोत, उत्स, प्रस्रवण   देवता – सुर, अमर, देव, त्रिदिव, आदित्य, गीर्वाण, अमर्त्य   दुःख – पीड़ा, कष्ट, व्यथा, विषाद, यातना, वेदना   द्रौपदी – कृष्णा, पांचाली, द्रुपदसुता, याज्ञसेनी   धन – द्रव्य, अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, लक्ष्मी   नमक – लवण, लोन, रामरस, नोन, नून   निर्मल – शुद्ध, साफ, स्वच्छ, पवित्र, शुचि   नरक – दुर्गति, संघात, यमपुर, यमलोक, यमालय   नौका – नाव, तरिणी, जलयान, बेड़ा, पतंग, तरी   दूध-क्षीर, पय, गोरस, पीयूष, दुग्ध, अमृत     आम-आम्र, रसाल, पिकबन्धु, अमृतफल, अतिसौरभ    शिव – महोदव, शंकर, गंगाधर, त्रिपुरारि, चन्द्रधर    वसन – वस्त्र, कपड़ा, चीर, पट, अम्बर   चतुर–विज्ञ, निपुण, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य    सुर-देव, अमर, देवता, आदित्य,अमर्त्य   कपड़ा – परिधान, वस्त्र, पटसन    लक्ष्मी-रमा, लोकमाता, विष्णुप्रिय, श्री    लता – बल्लरी, बल्ली, भेली    विष्णु-माधव, केशव, लक्ष्मीपति, नारायण, चक्रपाणि    मोर-मयूर, कलापी, शिखण्डी, शिख    हाथी—गज, दन्ती, मतंग, वितुण्ड, हस्ती   पुष्प-फूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप, मंजरी, लतान्त   नदी-सरिता, निर्झरिणी, तरंगिणी, तरनी, स्रोतस्विनी, लहरी, तरणि,सरी, कल्लोलिनी   अग्नि–आग, अनल, पावक, दहक, ज्वाला, हुताशन   आकाश – नभ, गगन, आसमान, अम्बर, व्योम, अन्तरिक्ष   आँख-दृग, लोचन, नयन, अक्षि, चक्षु, नेत्र     दिवस-वासर, वार, दिवा, दिन, अह   पक्षी-खग, विहग, नभचर, विहंगम, पतंग, शकुंत, पखेरू, खेचर,शकुनि   पर्वत – भूधर, गिरि, शैल, नग, भूमिधर, मेरु, महीधर, अचल, पहाड़,तुंग   बादल –मेघ, नीरद, जलज, घन, वारिद, पयोद, धराधर, अम्बुद    सूरज –रवि, सूर्य, भानु, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, आदित्य, अर्क, दिनमणि, मारीचिमाला    हंस-मराल, सरस्वतीवाहन, मुक्तभुक, कलकंठ, मानसौक    जल – पानी, वारि, नीर, सलिल, सारंग, तोय, पय, अम्बु, उदक   हवा–पवन, वायु, वात, मारुत, समीर, अनिल    अश्व – हय, बाजी, घोटक, तुरंग, घोड़ा, रविसुत     कामदेव–मदन, मार, स्मर, मनसिज, अनंग, मन्मथ, मनोज, मथन, मकरध्वज, मीनकेतु, मकरकेतु, कन्दर्प    इन्द्र–सुरपति, शचीपति, मधवा, शक, देवराज, मेघपति, सुरेन्द्र, सुरेश, अमरपति, जिष्णु, वज्रधर    गणेश–विनायक, एकदन्त, गजानन, गणाधि, लम्बोदर, गणपति, महाकाय, गौरीसुत, मोदकप्रिय, मूषकवाहन, भवानीनन्दन   चाँद – निशानाथ, इन्दु, शशि, शशांक, सुधाकर, राकापति, विधु, राकेश, हिमांशु, चन्द्रमा     जंगल – वन, अरण्य, कानन, विपिन, विजन, अटवी   तालाब-तड़ाग, सर, जलाशय, कासार, ताल, सरसी, पुष्कर, छद, दह, पोखर, सरोवर   तीर-बाण, शर, तोमर, विशिख, शिलीमुख, नाराच, इषु, सायक, आशुग   नारी – महिला, औरत, स्त्री, रमणी, वनिता, ललना, वामा    पण्डित-विद्वान्, प्राज्ञ, बुद्धिमान, धीमान, वीर, सुधी    वज्र- अश्मि, पवि, कुलिश   शहद-मधु, पुष्परस, अमृत, सुधा   सोना-स्वर्ण, सुवर्ण, कंचन, हेम, हाटक, तामरस, जातरूप   समुद्र–सिन्धु, सागर, जलधि, उदधि, पयोधि, पारावार, नदीश, पयोनिधि, वारीश, रत्नाकर, अब्धि, वारिधि   साँप-सर्प, अहि, भुजंग, विषधर, मणिधर, व्याल, उरग, नाग, द्विजी, फणी,    संसार–विश्व, दुनिया, जग, जगत्, इहलोक   हिरण-मृग, सारंग, हरिण, सुरभी, कुरंग, चितल, बारहसिंगा   बिजली – तड़ित, चपला, दामिनी, विद्युत, धनप्रिया, इन्द्रवज्र    वानर-बन्दर, कपि, मर्कट, कीश, शाखामृग, हरि                           प्रश्न उत्तर   निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए    प्रश्न 1. शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया।   उत्तर शिष्य: गुरुं प्रश्नं पृच्छेत् ।   प्रश्न 2. भिक्षुकों को दान दो।   उत्तर भिक्षुकेभ्यः दानं यच्छ।   प्रश्न 3. वे दोनों पाठशाला गए।   उत्तर तौ पाठशालाम् अगच्छताम्।   प्रश्न 4. मेरे मित्र ने चलचित्र देखा।   उत्तर मम मित्रं चलचित्रम् अपश्यत् ।   प्रश्न 5. वाराणसी गंगा तट पर स्थित है।   उत्तर वाराणसी गंगातटे स्थिता अस्ति।   प्रश्न 6. वह दिल्ली गया।   उत्तर स: इन्द्रप्रस्थम् अगच्छत् ।   प्रश्न 7. छात्र मैदान में खेलते हैं।   उत्तर छात्रा: क्षेत्रे क्रीडन्ति।   प्रश्न 8. भारतीय संस्कृति उदग्र और गतिशील है।   उत्तर भारतीया संस्कृति: उदग्रा गतिशीला च अस्ति।   प्रश्न 9. वे लड़के दिन में कहाँ पढ़ेंगे?   उत्तर ते बालकाः दिने कुत्र पठिष्यति।    प्रश्न 10. अपने राष्ट्र की रक्षा करना हमारा धर्म है।   उत्तर स्वस्थ राष्ट्र रक्षणम् अस्माकं धर्म अस्ति।   प्रश्न 11. घर पर पत्नी मित्र होती है।    उत्तर गृहे भार्या मित्र भवति।   प्रश्न 12. भारतीय संस्कृति सदैव गतिशील है।    उत्तर भारतीया संस्कृतिः सदैव गतिशीला अस्ति।   प्रश्न 13. विद्या अभ्यास से बढ़ती है।    उत्तर विद्या अभ्यासेन वर्धते।   प्रश्न 14. चन्द्रमा को देखकर समुद्र बढ़ता है।   उत्तर चन्द्रदर्शनेन समुंद्रः वर्धते।   प्रश्न 15. विक्रम परोपकारी राजा था।   उत्तर विक्रमः परोपकारी नृपः आसीत् ।   प्रश्न 16. क्या तुम घर जाओगे?   उत्तर किं त्वं गृहं गमिष्यसि ?    प्रश्न 17. मेरा मित्र अच्छा लड़का है।   उत्तर मम मित्रं सुष्टु बालः अस्ति।   प्रश्न 18. लड़कों ने बहुत परिश्रम किया।   उत्तर बालका; बहु परिश्रयम् अकरोत् ।    प्रश्न 19. वे पुस्तक पढ़ते हैं।   उत्तर ते पुस्तकं पठन्ति ।   प्रश्न 20. राधा ने एक चित्र देखा।   उत्तर राधा एकं चित्रम् अपश्यत् ।   प्रश्न 21. देवदत्त अपने घर जाएगा।   उत्तर देवदत्तः स्वगृहे गमिष्यति।   प्रश्न 22. विद्या विनय देती है।    उत्तर विद्या विनयं ददाति ।   प्रश्न 23. तुम कल प्रयाग गए।   उत्तर त्वं हयः प्रयागं अगच्छ।   प्रश्न 24. सिकन्दर कौन था?   उत्तर सिकन्दरः कः आसीत् ?   प्रश्न 25. वाराणसी में गंगा के किनारे सुन्दर-सुन्दर घाट हैं।   उत्तर वाराणस्यां गङ्गायाः तटे सुन्दराणि घाटानि  सन्ति ।   प्रश्न 26. मैं आज वाराणसी जाऊँगा।    उत्तर अहम् अद्य वाराणसी गमिष्यामि।   प्रश्न 27. हम दोनों को विद्यालय जाना चाहिए।   उत्तर आवाम् विद्यालयं गच्छेव।    प्रश्न 28. सुभाष चन्द्र बोस देशभक्त थे।   उत्तर सुभाष चन्द्र बोसः देशभक्तः आसीत्।    प्रश्न 29. वह विद्यालय जाती है।   उत्तर सा विद्यालयं गच्छति।    प्रश्न 30. वह पैर से लंगड़ा है।   उत्तर सः पादेन खञ्जः अस्ति।   प्रश्न 31. कल मैं विद्यालय जाऊँगा।   उत्तर श्वः अहम् विद्यालयम् गमिष्यामि।    प्रश्न 32. तुम अपने को वीर मानते हो।   उत्तर त्वम् निजम् वीरं मन्यसे ।   प्रश्न 33. सदा सच बोलो।   उत्तर सदा सत्यं वद ।   प्रश्न 34. अभ्यास से विद्या बढ़ती है।   उत्तर अभ्यासेन विद्या वर्धते ।   प्रश्न 35. वाराणसी गंगा के किनारे स्थित है।   उत्तर वाराणसी गङ्गायाः तटे स्थिता अस्ति।   प्रश्न 36. वृक्ष से फल गिरते हैं।   उत्तर वृक्षात् फलानि पतन्ति ।   प्रश्न 37. मोहन आज वाराणसी जाएगा।   उत्तर मोहनः अद्य वाराणसी गमिष्यति।   प्रश्न 38. मार्ग के दोनों ओर वृक्ष हैं।   उत्तर मार्गय् उभयतः वृक्षाः सन्ति ।   प्रश्न 39. मेरा मित्र विद्यालय जाता है।   उत्तर मम मित्रं विद्यालयं गच्छति।   प्रश्न 40. छात्रों को सत्य बोलना चाहिए।   उत्तर छात्राः सत्यं वदेयुः।   प्रश्न 41. वह सदा परिश्रम करेगा।   उत्तर सः सदा परिश्रमं करिष्यति।   प्रश्न 41. तुम आज्ञा का पालन करो।   उत्तर त्वम् आज्ञायाः पालनं कुरु।   प्रश्न 42. अपने राष्ट्र की रक्षा करना हमारा धर्म है। उत्तर स्वराष्ट्रस्य रक्षणम् अस्माकं धर्मः अस्ति।   प्रश्न 43. काशी संस्कृत भाषा का केन्द्र है।    उत्तर काशी संस्कृतभाषायाः केन्द्रम् अस्ति।   प्रश्न 44. मुझे घर जाना चाहिए।   उत्तर अहं गृहं गच्छेयम्।   प्रश्न 45. मैं कल लखनऊ जाऊँगा।   उत्तर अहं श्वः लखनऊनगरं गमिष्यामि।   प्रश्न 46. सदा सत्य बोलना चाहिए।    उत्तर सदा सत्यम् वदेत् ।   प्रश्न 47. मैं बाज़ार जाता हूँ।   उत्तर अहम् आपणं गच्छामि।   प्रश्न 48. वह घर गई।   उत्तर सा गृहम् अगच्छत् ।   प्रश्न 49. यह राम की किताब है।    उत्तर इदम् रामस्य पुस्तकम् अस्ति।   प्रश्न 50. मैं विद्यालय जाऊँगा।    उत्तर अहं विद्यालयं गमिष्यामि।   प्रश्न 51. मार्ग के दोनों ओर भवन थे।    उत्तर मार्गम् उभयतः भवनानि आसन्।   प्रश्न 52. सन्तोष उत्तम सुख है।   उत्तर सन्तोष: उत्तमं सुखम् अस्ति।    प्रश्न 53. मैं वाराणसी जाऊँगा।   उत्तर अहम् वाराणसी गमिष्यामि।   प्रश्न 54. सभी छात्र पत्र लिखेंगे।   उत्तर सर्वे छात्रा: पत्रं लेखिष्यन्ति।   प्रश्न 55. दान से कीर्ति बढ़ती है।    उत्तर दानेन कीर्ति वर्धते।   प्रश्न 56. सोहन के साथ मोहन घर गया।   उत्तर सोहनेन सह मोहनः गृहम् अगच्छत्।   प्रश्न 57. हम सब पढ़ते हैं।   उत्तर वयं पठामः।   प्रश्न 58. मैं विद्यालय पढ़ने जाऊँगा।   उत्तर अहं विद्यालयं पठनाय गमिष्यामि।   प्रश्न 59. तुम वीर हो    उत्तर त्वं वीरः असि।   प्रश्न 60. हमें देशभक्त होना चाहिए।   उत्तर वयं देशभक्ताः भवेम।   प्रश्न 61. तुम दोनों घर जाओ।    उत्तर युवां गृहं गच्छतम्   प्रश्न 62. श्यामा पुस्तक पढ़ती है।    उत्तर श्यामा पुस्तकं पठति।   प्रश्न 63. वे विद्यालय गए।   उत्तर ते विद्यालयम् अगच्छन्।   प्रश्न 64. हमें विद्यालय जाना चाहिए।   उत्तर वयं विद्यालयं गच्छेम।

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पर्यायवाची शब्द


अर्थ एवं परिभाषा


अर्थ की दृष्टि से समानता रखने वाले शब्द 'पर्यायवाची शब्द' कहलाते हैं, इन्हें समानार्थी शब्द भी कहा जाता है। जैसे-'आँख' के पर्यायवाची शब्द नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, विलोचन, दृग, अक्षि आदि हैं।


यह तथ्य ध्यान रखने योग्य है कि किसी भी भाषा में कोई भी दो शब्द पूर्ण रूप से समान नहीं होते हैं। यही कारण है कि पर्यायवाची शब्दों में समानता होने के बावजूद थोड़ी-बहुत भिन्नता अवश्य होती है। इसीलिए प्रसंग एवं सन्दर्भ के अनुकूल पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। अर्थ की अत्यधिक समानता होने पर भी पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर नहीं हो सकता।


उदाहरणार्थ- आज प्रातःकाल से ही वर्षा हो रही है।


चौमासे के दौरान सभी नदी-नाले उफान पर होते हैं। उपरोक्त उदाहरणों में रेखांकित शब्द 'वर्षा' तथा 'चौमासा' एक-दूसरे के पर्याय हैं, परन्तु प्रस्तुत वाक्य पढ़ने से ही स्पष्ट हो जाता है कि यहाँ 'वर्षा' और 'चौमासे' का एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग करना असंगत एवं अनुचित होगा।


महत्त्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द


अध्यापक –आचार्य, गुरु, शिक्षक, प्रवक्ता, व्याख्याता


अप्सरा –अद्भुत, अनूठा, अपूर्व, अद्वितीय, अप्रतिम,

अनोखा


अनुपम –सुरबाला, देवबाला, देवांगना, दिव्यांगना, सुर-सुन्दरी


अन्धकार– तम, तिमिर, अँधेरा, तमिस्रा, ध्वान्त 


असुर  – दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर, खल, रचनीचर, दनुज


अपमान – अनादर, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर, अवमान, बेइज्जती 


अहंकार – अभिमान, गर्व, घमण्ड, मद, दर्प


आकाशगंगा – मन्दाकिनी, नभोनदी, नभगंगा, स्वर्गनदी, सुरनदी


आतंक – विभीषिका, उपद्रव, अतिभय, संत्रास, दहशत



आपत्ति – आपदा, मुसीबत, विपदा, विपत्ति


आशीर्वाद – आशीष, मंगलकामना, आशीर्वचन 


आभूषण – गहना, भूषण, अलंकार, जेवर


इन्द्रधनुष –शक्रचाप, सप्तकर्ण, धनु, इन्द्रधनु, सुरचाप, धनुक


 ईर्ष्या –  ईर्षा, जलन, डाह, कुढ़न, द्वेष 


उत्सव – मंगलकार्य, पर्व, जलसा, त्योहार, समारोह


ऐश्वर्य – वैभव, सम्पदा, सम्पन्नता, समृद्धि, श्री, धनसम्पत्ति


औषधि  – दवा, दवाई, रसायन, भेषज


कर –हस्त, हाथ, पाणि, भुज, भुजा


काक –कौआ, काग, काण, वायस, पिशुन, करठ


कान – कर्ण, श्रवण, श्रोत्र


खल –दुष्ट, अधम, पामर, नीच, शठ, दुर्जन, कुटिल, धूर्त, नृशंस


खेती – कृषि, किसानी, कृषिकार्य, काश्तकारी, कृषिकर्म 


गरुड़– खगेश, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय


गाँव – ग्राम, मौजा, पुरवा, बस्ती, देहात 


जानकी – सीता, वैदेही, जनकसुता, जनकतनया, जनकात्मजा 


झण्डा – ध्वज, पताका, केतु, निशान


झरना – प्रपात, निर्सर, स्रोत, उत्स, प्रस्रवण


देवता – सुर, अमर, देव, त्रिदिव, आदित्य, गीर्वाण, अमर्त्य


दुःख – पीड़ा, कष्ट, व्यथा, विषाद, यातना, वेदना


द्रौपदी – कृष्णा, पांचाली, द्रुपदसुता, याज्ञसेनी


धन – द्रव्य, अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, लक्ष्मी


नमक – लवण, लोन, रामरस, नोन, नून


निर्मल – शुद्ध, साफ, स्वच्छ, पवित्र, शुचि


नरक – दुर्गति, संघात, यमपुर, यमलोक, यमालय


नौका – नाव, तरिणी, जलयान, बेड़ा, पतंग, तरी


दूध-क्षीर, पय, गोरस, पीयूष, दुग्ध, अमृत 


 आम-आम्र, रसाल, पिकबन्धु, अमृतफल, अतिसौरभ


 शिव – महोदव, शंकर, गंगाधर, त्रिपुरारि, चन्द्रधर 


वसन – वस्त्र, कपड़ा, चीर, पट, अम्बर


चतुर–विज्ञ, निपुण, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य


 सुर-देव, अमर, देवता, आदित्य,अमर्त्य


कपड़ा – परिधान, वस्त्र, पटसन


 लक्ष्मी-रमा, लोकमाता, विष्णुप्रिय, श्री


 लता – बल्लरी, बल्ली, भेली


 विष्णु-माधव, केशव, लक्ष्मीपति, नारायण, चक्रपाणि


 मोर-मयूर, कलापी, शिखण्डी, शिख


 हाथी—गज, दन्ती, मतंग, वितुण्ड, हस्ती


पुष्प-फूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप, मंजरी, लतान्त


नदी-सरिता, निर्झरिणी, तरंगिणी, तरनी, स्रोतस्विनी, लहरी, तरणि,सरी, कल्लोलिनी


अग्नि–आग, अनल, पावक, दहक, ज्वाला, हुताशन


आकाश – नभ, गगन, आसमान, अम्बर, व्योम, अन्तरिक्ष


आँख-दृग, लोचन, नयन, अक्षि, चक्षु, नेत्र



 दिवस-वासर, वार, दिवा, दिन, अह


पक्षी-खग, विहग, नभचर, विहंगम, पतंग, शकुंत, पखेरू, खेचर,शकुनि


पर्वत – भूधर, गिरि, शैल, नग, भूमिधर, मेरु, महीधर, अचल, पहाड़,तुंग


बादल –मेघ, नीरद, जलज, घन, वारिद, पयोद, धराधर, अम्बुद



सूरज –रवि, सूर्य, भानु, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, आदित्य, अर्क, दिनमणि, मारीचिमाला


 हंस-मराल, सरस्वतीवाहन, मुक्तभुक, कलकंठ, मानसौक


 जल – पानी, वारि, नीर, सलिल, सारंग, तोय, पय, अम्बु, उदक


हवा–पवन, वायु, वात, मारुत, समीर, अनिल 


अश्व – हय, बाजी, घोटक, तुरंग, घोड़ा, रविसुत 


 कामदेव–मदन, मार, स्मर, मनसिज, अनंग, मन्मथ, मनोज, मथन, मकरध्वज, मीनकेतु, मकरकेतु, कन्दर्प


 इन्द्र–सुरपति, शचीपति, मधवा, शक, देवराज, मेघपति, सुरेन्द्र, सुरेश, अमरपति, जिष्णु, वज्रधर



गणेश–विनायक, एकदन्त, गजानन, गणाधि, लम्बोदर, गणपति, महाकाय, गौरीसुत, मोदकप्रिय, मूषकवाहन, भवानीनन्दन


चाँद – निशानाथ, इन्दु, शशि, शशांक, सुधाकर, राकापति, विधु, राकेश, हिमांशु, चन्द्रमा 


 जंगल – वन, अरण्य, कानन, विपिन, विजन, अटवी


तालाब-तड़ाग, सर, जलाशय, कासार, ताल, सरसी, पुष्कर, छद, दह, पोखर, सरोवर


तीर-बाण, शर, तोमर, विशिख, शिलीमुख, नाराच, इषु, सायक, आशुग


नारी – महिला, औरत, स्त्री, रमणी, वनिता, ललना, वामा 


पण्डित-विद्वान्, प्राज्ञ, बुद्धिमान, धीमान, वीर, सुधी


 वज्र- अश्मि, पवि, कुलिश


शहद-मधु, पुष्परस, अमृत, सुधा


सोना-स्वर्ण, सुवर्ण, कंचन, हेम, हाटक, तामरस, जातरूप


समुद्र–सिन्धु, सागर, जलधि, उदधि, पयोधि, पारावार, नदीश, पयोनिधि, वारीश, रत्नाकर, अब्धि, वारिधि


साँप-सर्प, अहि, भुजंग, विषधर, मणिधर, व्याल, उरग, नाग, द्विजी, फणी,



संसार–विश्व, दुनिया, जग, जगत्, इहलोक


हिरण-मृग, सारंग, हरिण, सुरभी, कुरंग, चितल, बारहसिंगा


बिजली – तड़ित, चपला, दामिनी, विद्युत, धनप्रिया, इन्द्रवज्र


 वानर-बन्दर, कपि, मर्कट, कीश, शाखामृग, हरि




                      प्रश्न उत्तर


निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए



प्रश्न 1. शिष्य ने गुरु से प्रश्न किया।


उत्तर शिष्य: गुरुं प्रश्नं पृच्छेत्


प्रश्न 2. भिक्षुकों को दान दो।


उत्तर भिक्षुकेभ्यः दानं यच्छ।


प्रश्न 3. वे दोनों पाठशाला गए।


उत्तर तौ पाठशालाम् अगच्छताम्।


प्रश्न 4. मेरे मित्र ने चलचित्र देखा।


उत्तर मम मित्रं चलचित्रम् अपश्यत् ।


प्रश्न 5. वाराणसी गंगा तट पर स्थित है।


उत्तर वाराणसी गंगातटे स्थिता अस्ति।


प्रश्न 6. वह दिल्ली गया।


उत्तर स: इन्द्रप्रस्थम् अगच्छत्


प्रश्न 7. छात्र मैदान में खेलते हैं।


उत्तर छात्रा: क्षेत्रे क्रीडन्ति।


प्रश्न 8. भारतीय संस्कृति उदग्र और गतिशील है।


उत्तर भारतीया संस्कृति: उदग्रा गतिशीला च अस्ति।


प्रश्न 9. वे लड़के दिन में कहाँ पढ़ेंगे?


उत्तर ते बालकाः दिने कुत्र पठिष्यति।


 प्रश्न 10. अपने राष्ट्र की रक्षा करना हमारा धर्म है।


उत्तर स्वस्थ राष्ट्र रक्षणम् अस्माकं धर्म अस्ति।


प्रश्न 11. घर पर पत्नी मित्र होती है। 


उत्तर गृहे भार्या मित्र भवति।


प्रश्न 12. भारतीय संस्कृति सदैव गतिशील है।


 उत्तर भारतीया संस्कृतिः सदैव गतिशीला अस्ति।


प्रश्न 13. विद्या अभ्यास से बढ़ती है। 


उत्तर विद्या अभ्यासेन वर्धते।


प्रश्न 14. चन्द्रमा को देखकर समुद्र बढ़ता है।


उत्तर चन्द्रदर्शनेन समुंद्रः वर्धते।


प्रश्न 15. विक्रम परोपकारी राजा था।


उत्तर विक्रमः परोपकारी नृपः आसीत्


प्रश्न 16. क्या तुम घर जाओगे?


उत्तर किं त्वं गृहं गमिष्यसि ?


 प्रश्न 17. मेरा मित्र अच्छा लड़का है।


उत्तर मम मित्रं सुष्टु बालः अस्ति।


प्रश्न 18. लड़कों ने बहुत परिश्रम किया।


उत्तर बालका; बहु परिश्रयम् अकरोत्



प्रश्न 19. वे पुस्तक पढ़ते हैं।


उत्तर ते पुस्तकं पठन्ति


प्रश्न 20. राधा ने एक चित्र देखा।


उत्तर राधा एकं चित्रम् अपश्यत्


प्रश्न 21. देवदत्त अपने घर जाएगा।


उत्तर देवदत्तः स्वगृहे गमिष्यति।


प्रश्न 22. विद्या विनय देती है। 


उत्तर विद्या विनयं ददाति ।


प्रश्न 23. तुम कल प्रयाग गए। 

उत्तर त्वं हयः प्रयागं अगच्छ।


प्रश्न 24. सिकन्दर कौन था?


उत्तर सिकन्दरः कः आसीत् ?


प्रश्न 25. वाराणसी में गंगा के किनारे सुन्दर-सुन्दर घाट हैं।


उत्तर वाराणस्यां गङ्गायाः तटे सुन्दराणि घाटानि

सन्ति ।


प्रश्न 26. मैं आज वाराणसी जाऊँगा। 


उत्तर अहम् अद्य वाराणसी गमिष्यामि।


प्रश्न 27. हम दोनों को विद्यालय जाना चाहिए।


उत्तर आवाम् विद्यालयं गच्छेव। 


प्रश्न 28. सुभाष चन्द्र बोस देशभक्त थे।


उत्तर सुभाष चन्द्र बोसः देशभक्तः आसीत्।


 प्रश्न 29. वह विद्यालय जाती है।


उत्तर सा विद्यालयं गच्छति। 


प्रश्न 30. वह पैर से लंगड़ा है।


उत्तर सः पादेन खञ्जः अस्ति।


प्रश्न 31. कल मैं विद्यालय जाऊँगा।


उत्तर श्वः अहम् विद्यालयम् गमिष्यामि।


 प्रश्न 32. तुम अपने को वीर मानते हो।


उत्तर त्वम् निजम् वीरं मन्यसे


प्रश्न 33. सदा सच बोलो।


उत्तर सदा सत्यं वद


प्रश्न 34. अभ्यास से विद्या बढ़ती है।


उत्तर अभ्यासेन विद्या वर्धते


प्रश्न 35. वाराणसी गंगा के किनारे स्थित है।


उत्तर वाराणसी गङ्गायाः तटे स्थिता अस्ति।


प्रश्न 36. वृक्ष से फल गिरते हैं।


उत्तर वृक्षात् फलानि पतन्ति ।


प्रश्न 37. मोहन आज वाराणसी जाएगा।


उत्तर मोहनः अद्य वाराणसी गमिष्यति।


प्रश्न 38. मार्ग के दोनों ओर वृक्ष हैं।


उत्तर मार्गय् उभयतः वृक्षाः सन्ति ।


प्रश्न 39. मेरा मित्र विद्यालय जाता है।


उत्तर मम मित्रं विद्यालयं गच्छति।


प्रश्न 40. छात्रों को सत्य बोलना चाहिए।


उत्तर छात्राः सत्यं वदेयुः।


प्रश्न 41. वह सदा परिश्रम करेगा।


उत्तर सः सदा परिश्रमं करिष्यति।


प्रश्न 41. तुम आज्ञा का पालन करो।


उत्तर त्वम् आज्ञायाः पालनं कुरु।


प्रश्न 42. अपने राष्ट्र की रक्षा करना हमारा धर्म है। उत्तर स्वराष्ट्रस्य रक्षणम् अस्माकं धर्मः अस्ति।


प्रश्न 43. काशी संस्कृत भाषा का केन्द्र है।


 उत्तर काशी संस्कृतभाषायाः केन्द्रम् अस्ति।


प्रश्न 44. मुझे घर जाना चाहिए।


उत्तर अहं गृहं गच्छेयम्।


प्रश्न 45. मैं कल लखनऊ जाऊँगा।


उत्तर अहं श्वः लखनऊनगरं गमिष्यामि।


प्रश्न 46. सदा सत्य बोलना चाहिए। 


उत्तर सदा सत्यम् वदेत्


प्रश्न 47. मैं बाज़ार जाता हूँ।


उत्तर अहम् आपणं गच्छामि।


प्रश्न 48. वह घर गई।


उत्तर सा गृहम् अगच्छत्


प्रश्न 49. यह राम की किताब है।


 उत्तर इदम् रामस्य पुस्तकम् अस्ति।


प्रश्न 50. मैं विद्यालय जाऊँगा। 


उत्तर अहं विद्यालयं गमिष्यामि।


प्रश्न 51. मार्ग के दोनों ओर भवन थे। 


उत्तर मार्गम् उभयतः भवनानि आसन्।


प्रश्न 52. सन्तोष उत्तम सुख है।


उत्तर सन्तोष: उत्तमं सुखम् अस्ति।


 प्रश्न 53. मैं वाराणसी जाऊँगा।


उत्तर अहम् वाराणसी गमिष्यामि।


प्रश्न 54. सभी छात्र पत्र लिखेंगे।


उत्तर सर्वे छात्रा: पत्रं लेखिष्यन्ति।


प्रश्न 55. दान से कीर्ति बढ़ती है। 


उत्तर दानेन कीर्ति वर्धते।


प्रश्न 56. सोहन के साथ मोहन घर गया।


उत्तर सोहनेन सह मोहनः गृहम् अगच्छत्।


प्रश्न 57. हम सब पढ़ते हैं।


उत्तर वयं पठामः।


प्रश्न 58. मैं विद्यालय पढ़ने जाऊँगा।


उत्तर अहं विद्यालयं पठनाय गमिष्यामि।


प्रश्न 59. तुम वीर हो


 उत्तर त्वं वीरः असि।


प्रश्न 60. हमें देशभक्त होना चाहिए।


उत्तर वयं देशभक्ताः भवेम।


प्रश्न 61. तुम दोनों घर जाओ। 


उत्तर युवां गृहं गच्छतम्


प्रश्न 62. श्यामा पुस्तक पढ़ती है।


 उत्तर श्यामा पुस्तकं पठति।


प्रश्न 63. वे विद्यालय गए।


उत्तर ते विद्यालयम् अगच्छन्।


प्रश्न 64. हमें विद्यालय जाना चाहिए।


उत्तर वयं विद्यालयं गच्छेम।



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