a

यूपी बोर्ड कक्षा 10वी सामाजिक विज्ञान अध्याय 17 विकास का सम्पूर्ण हल

यूपी बोर्ड कक्षा 10वी सामाजिक विज्ञान अध्याय 17 विकास का सम्पूर्ण हल


up board ncert class 10 social science full solutions notes in hindi


इकाई 4 : आर्थिक विकास की समझ (अर्थशास्त्र)


Chapter 1  विकास






याद रखने योग्य मुख्य बिन्दु


1. द्रव्य या उससे खरीदी जा सकने वाली भौतिक वस्तुएँ एक कारक है जिस पर हमारा जीवन निर्भर करता है।


2. केरल में शिशु मृत्यु दर कम है क्योंकि यहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।


3.लोग चाहते हैं कि उन्हें नियमित काम, बेहतर मजदूरी और अपनी उपज अथवा अन्य उत्पादों के लिए अच्छी कीमतें मिलें। दूसरे शब्दों में, वे ज्यादा आय चाहते हैं।


4.ज्यादा आय चाहने के अतिरिक्त, लोग बराबरी का व्यवहार, स्वतन्त्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर मिलने की इच्छा भी रखते हैं।


5.लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं और दूसरा एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि यह दूसरे के लिए विनाशकारी भी साबित हो सकता है।


6.संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यू.एन.इं आय के आधार पर करती है। 1.डी.पी.) द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति


7.औसत आय देश की कुल आय में से जनसंख्या को भाग देकर निकाली जाती है। औसत आय को प्रति व्यक्ति आय भी कहा जाता है।


महत्त्वपूर्ण शब्दावली



 आर्थिक विकास–आर्थिक विकास वह परिस्थिति है जिसमें कोई देश अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इतनी प्रगति करे, जो कि उसकी जनसंख्या वृद्धि दर से अधिक है।


प्रतिव्यक्ति आय–किसी देश की कुल राष्ट्रीय आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त राशि को प्रतिव्यक्ति आय कहते हैं। 



राष्ट्रीय आय–एक लेखा वर्ष में देश के अंदर सभी आर्थिक क्रियाओं से प्राप्त आय में जब विदेशों से प्राप्त आय को जोड़ते हैं, तो राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है।


साक्षरता दर किसी देश में पढ़े-लिखे लोगों की दर



 शिशु मृत्यु दर–प्रतिवर्ष प्रति 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मृत्यु को प्राप्त बच्चों का अनुपात शिशु मृत्यु दर कहलाता है। 


 मानव विकास–मानव विकास का अर्थ है-एक व्यक्ति का इस प्रकार से विकास किया जाए कि वह अपनी प्रतिभा के अनुसार सृजनात्मक जीवन बिता सके।


 जीवन प्रत्याशा-जीवन के प्रति आशा अर्थात् किसी देश में लोगों की औसत आयु जीवन प्रत्याशा कहलाती है। 



 नवीकरणीय साधन-ये वे साधन हैं जो एक बार प्रयोग करने पर खत्म नहीं होते, बल्कि उन्हें दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।


अनवीकरणीय साधन-ये वे साधन हैं जो एक बार प्रयोग करने के बाद समाप्त हो जाते हैं। उनकी पुनः पूर्ति संभव नहीं होती।



बहुविकल्पीय प्रश्न 1 अंक


प्रश्न 1. प्रति व्यक्ति आय से क्या तात्पर्य है?


(क) एक देश की वस्तुओं व सेवाओं से अर्जित आय  


(ख) एक देश के आधे से अधिक सामान्य निवासियों द्वारा अर्जित आय 


(ग) राष्ट्रीय आय में जनसंख्या को भाग देकर प्राप्त आय


(घ) उपर्युक्त सभी


उत्तर- (ग) राष्ट्रीय आय में जनसंख्या को भाग देकर प्राप्त आय


प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा संगठन 'मानव विकास रिपोर्ट तैयार करता है?


(क) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष 


(ख) यू.एन.डी.पी.


(घ) संयुक्त राष्ट्र संघ


(ग) विश्व बैंक




उत्तर-

(ख) यू.एन.डी.पी.



प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किसे औसत आय भी कहते हैं?



(क) कुल आय (ग) प्रतिव्यक्ति आय


(ख) राष्ट्रीय आय (घ) ये सभी


उत्तर


(ग) प्रतिव्यक्ति आय


प्रश्न 4. निम्नलिखित देशों में से किस देश का मानव विकास सूचकांक (2016) के अनुसार भारत से अधिक ऊँचा स्थान है? 


(क) श्रीलंका


(ख) बांग्लादेश


(ग) पाकिस्तान


(घ) नेपाल


उत्तर- (क) श्रीलंका


प्रश्न 5. निम्न में से किस राज्य की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक है?


(क) हरियाणा (ख) बिहार (ग) राजस्थान (घ) मेघालय 


उत्तर-

(क) हरियाणा



अतिलघु उत्तरीय प्रश्न 2 अंक


प्रश्न 1. प्रतिव्यक्ति आय से क्या तात्पर्य है?


या औसत आय का अर्थ लिखिए।



उत्तर- किसी देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त आय को औसत आय कहते हैं। इसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं।


प्रश्न 2. आर्थिक विकास से क्या तात्पर्य है?


 उत्तर- आर्थिक विकास वह परिस्थिति है जिसमें कोई देश अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इतनी प्रगति करे, जो कि उसकी जनसंख्या वृद्धि दर से अधिक हो। 


प्रश्न 3. राष्ट्रीय आय से क्या तात्पर्य है?


उत्तर एक लेखा वर्ष में, देश के अंदर सभी आर्थिक क्रियाओं आय में जब विदेशों से प्राप्त आय को जोड़ते हैं तो राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है।


प्रश्न 4. मानव विकास से क्या तात्पर्य है? 


उत्तर- मानव विकास का अर्थ है-एक व्यक्ति का इस प्रकार से विकास

किया जाए कि वह अपनी प्रतिभा के अनुसार सृजनात्मक जीवन बिता सके।



 प्रश्न 5. केरल में अन्य राज्यों की तुलना में शिशु मृत्यु दर कम क्यों है?


उत्तर- केरल में अन्य राज्यों की तुलना में शिशु मृत्यु दर कम होने के मुख्य कारण अग्रवत् हैं



(i) केरल की साक्षरता दर अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। 


(ii) केरल में निवल उपस्थिति अनुपात अन्य राज्यों की तुलना में उच्च है। 


प्रश्न6. एक ग्रामीण महिला के किन्हीं दो विकास के लक्ष्यों का उल्लेख कीजिए।


उत्तर (1) परिवार में सम्मान तथा (2) सुरक्षित एवं संरक्षित वातावरण । 



प्रश्न 7. धन से नहीं खरीदी जा सकने वाली किन्हीं दो वस्तुओं के नाम बताइए।


उत्तर


(1) शान्ति तथा (2) स्वतन्त्रता ।


लघु उत्तरीय प्रश्न 3 अंक


प्रश्न 1. मानव विकास में स्वास्थ्य की क्या भूमिका है?


उत्तर- मानव विकास में स्वास्थ्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। स्वास्थ्य से तात्पर्य व्यक्ति के सर्वमुखी विकास से है। स्वास्थ्य से अभिप्राय केवल जीवित रहना या रोगों का निवारण करना ही नहीं है बल्कि जनसंख्या नियंत्रण, परिवार कल्याण तथा नशीले पदार्थों पर रोक लगाने आदि पक्षों पर भी ध्यान दिया जाता है। जिन देशों में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी ये सभी सुविधाएँ मिलती हैं, उन देशों में स्वस्थ मानव संसाधन देश के सामाजिक तथा आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देकर देश को विकसित देशों की श्रेणी में ला सकते हैं।


प्रश्न 2. आय के आधार पर विभिन्न देशों की तुलना कैसे की जाती है?


उत्तर- देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण मानक समझी जाती है। जिन देशों की आय अधिक है उन्हें अधिक विकसित समझा जाता है और कम आय वाले देशों को कम विकसित। यह धारणा इस बात पर आधारित है कि अधिक आय से इंसान की जरूरत की सभी चीजें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसलिए ज्यादा आय अपने आप में विकास का प्रमुख मापदंड है।


प्रश्न 3.धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण (आवश्यक) है?


उत्तर- धारणीयता से अभिप्राय है- 'सतत्' पोषणीय विकास अर्थात् ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी तक ही सीमित न रहे बल्कि आगे आने वाली पीढ़ी को भी मिले। वैज्ञानिकों का कहना है कि हम संसाधनों का जैसे प्रयोग कर रहे हैं, उससे लगता है कि संसाधन शीघ्र समाप्त हो जाएँगे और आगे आने वाली पीढ़ी के लिए नहीं बचेंगे। यदि हमें विकास को धारणीय बनाना है अर्थात् निरंतर जारी रखना है, तो हमें संसाधनों का प्रयोग इस तरह से करना होगा जिससे विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे और भावी पीढ़ी के लिए संसाधन बचे रहें।


प्रश्न 4. एक विकसित देश की क्या विशेषताएँ होती हैं? स्पष्ट कीजिए।


उत्तर- एक विकसित देश की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं- उच्च जीवन स्तर, उच्च जीडीपी, उच्च बाल कल्याण, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएँ, उत्कृष्ट परिवहन, संचार और शैक्षिक सुविधाएँ, बेहतर आवास और रहने की स्थिति, औद्योगिक, बुनियादी ढाँचा और तकनीकी उन्नति, उच्च प्रति व्यक्ति आय और जीवन प्रत्याशा आदि में वृद्धि।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 6 अंक


प्रश्न 1.मानव विकास सूचकांक क्या है? मानव विकास नापने वाले मूलभूत अवयवों का वर्णन कीजिए।



उत्तर


मानव विकास सूचकांक एक ऐसा मापदंड है जिसके द्वारा विश्व के प्र विभिन्न देशों का सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में उपलब्धियों के आधार पर स्थान निर्धारित किया जाता है। इस मापदंड द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ विभिन्न देशों की तुलनात्मक प्रगति का ज्ञान प्राप्त करने में सफल हुआ। ऐसा इसलिए किया गया 


 जिससे कुछ ऐसे देशों की सहायता की जा सके जो उनके विकास के लिए आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने 1990 में अपनी प्रथम मानव विकास रिपोर्ट में 'मानव विकास सूचकांक' का प्रयोग किया ताकि विश्व के विभिन्न देशों की सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में उपलब्धियों को आँका जा सके।


मानव विकास नापने वाले मूलभूत अवयव - मानव विकास एक विस्तृत धारणा है। इसमें मनुष्य के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक जीवन का विकास शामिल है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानव विकास को नापने के लिए तीन प्रमुख अवयवों को आधार बनाया है—


1. दीर्घ आयु – मानव विकास सूचकांक के अनुसार जिन देशों में जीवन प्रत्याशा अधिक होगी, उन्हें विकसित देश माना जाएगा। इसमें केवल दीर्घ आयु ही शामिल नहीं है बल्कि एक अच्छा व स्वस्थ जीवन जीना भी विकास के लिए जरूरी है। शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति देश के विकास के लिए काम कर सकता है।


2. शिक्षा अथवा ज्ञान - किसी देश में जितने अधिक लोग साक्षर होंगे, उस देश के विकास का स्तर भी उतना अधिक ऊँचा होगा। एक साक्षर व्यक्ति देश के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


3. जीवन स्तर – जिस देश के लोगों की प्रति व्यक्ति आय अधिक होगी, वह देश विकास की श्रेणी में उच्च स्तर पर गिना जाएगा क्योंकि ऐसे देश में लोग न केवल अपनी आवश्यकताओं को ही पूरा करेंगे बल्कि एक अच्छा जीवन-स्तर बनाएँगे जो विकास के लिए जरूरी है।


प्रश्न 2. विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदंड का प्रयोग करता है? इस मापदंड की, अगर कोई है, तो सीमाएँ क्या हैं?



उत्तर- विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए किसी देश की आय को प्रमुख मापदंड मानता है। जिन देशों की आय अधिक है, उन्हें अधिक विकसित समझा जाता है और कम आय के देशों को कम विकसित। ऐसा माना जाता है कि अधिक आय का अर्थ है-इंसान की ज़रूरतों की सभी चीजें प्रचुर मात्रा में उपलब्ध की जा सकती हैं। जो भी लोगों को पसंद है और जो उनके पास होना चाहिए, वे उन सभी चीज़ों को अधिक आय के जरिए प्राप्त कर पाएँगे। इसलिए ज्यादा आय विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने का प्रमुख मापदंड माना जाता है।


विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट के अनुसार, देशों का वर्गीकरण करने में इस मापदण्ड का प्रयोग किया गया है। वे देश जिनकी 2017 में प्रतिव्यक्ति आय US $12,056 प्रति वर्ष या उससे अधिक है उसे समृद्ध देश और वे देश जिनकी प्रतिव्यक्ति आय US $ 995 प्रति वर्ष या उससे कम है उन्हें निम्न आय वाला देश कहा गया है। भारत मध्य आय के देशों में आता है क्योंकि उसकी प्रतिव्यक्ति आय 2017 में केवल US $ 1820 प्रति वर्ष थी। समृद्ध देशों, जिनमें मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश शामिल नहीं हैं, को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है।


सीमाएँ – विभिन्न देशों का वर्गीकरण करने के लिए किसी देश की राष्ट्रीय आय को अच्छा मापदंड नहीं माना जा सकता, क्योंकि विभिन्न देशों की जनसंख्या विभिन्न होती है। कुल आय की तुलना करने से हमें यह पता नहीं चलेगा कि औसत व्यक्ति क्या कमा सकता है। इससे हमें विभिन्न देशों के लोगों की परिस्थितियों का भी पता नहीं चल पाता। इसलिए राष्ट्रीय आय वर्गीकरण का अच्छा मापदंड नहीं है।



प्रश्न 3. विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदंड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदंड से अलग है? 


उत्तर विश्व बैंक का मापदंड केवल 'आय' पर आधारित है। इस मापदंड की बहुत-सी सीमाएँ हैं। आय के अतिरिक्त भी कई अन्य मापदंड हैं जो विकास मापने के लिए ज़रूरी हैं, क्योंकि मनुष्य केवल बेहतर आय के बारे में ही नहीं सोचता, बल्कि वह अपनी सुरक्षा, दूसरों से आदर और बराबरी का व्यवहार पाना, आज़ादी आदि जैसे अन्य लक्ष्यों के बारे में भी सोचता है। यू.एन.डी.पी. द्वारा प्रकाशित मानव विकास रिपोर्ट में विकास के लिए


निम्नलिखित मापदंड अपनाए गए


1. लोगों का स्वास्थ्य – मानव विकास का प्रमुख मापदंड है स्वास्थ्य या दीर्घायु । विभिन्न देशों के लोगों की जीवन प्रत्याशा जितनी अधिक होगी, वह मानव विकास की दृष्टि से उतना ही अधिक विकसित देश माना जाएगा।


2. शैक्षिक स्तर मानव विकास का दूसरा प्रमुख मापदंड शैक्षिक स्तर है। किसी देश में साक्षरता की दर जितनी ज्यादा होगी वह उतना ही विकसित माना जाएगा और यह दर यदि कम होगी तो उस देश को अल्पविकसित कहा जाएगा।


3. प्रतिव्यक्ति आय - मानव विकास का तीसरा मापदंड है— प्रतिव्यक्ति आय। जिस देश में प्रतिव्यक्ति आय अधिक होगी उस देश में लोगों का जीवन-स्तर भी अच्छा होगा और अच्छा जीवन स्तर विकास की पहचान है। जिन देशों में लोगों की प्रति व्यक्ति आय कम होगी, लोगों का जीवन स्तर भी अच्छा नहीं होगा। ऐसे देश को विकसित देश नहीं माना जा सकता।


प्रश्न 4. हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।



उत्तर- औसत का प्रयोग किसी भी विषय या क्षेत्र का अनुमान विभिन्न स्तरों पर लगाने के लिए किया जाता है, जैसे—किसी देश में सभी लोग अलग-अलग आय प्राप्त करते हैं किंतु देश के विकास स्तर को जानने के लिए प्रतिव्यक्ति आय निकाली जाती है जो औसत के माध्यम से ही निकाली जाती है। इससे हमें एक देश के विकास के स्तर का पता चलता है। किंतु औसत का प्रयोग करने में कई समस्याएँ आती हैं। औसत से किसी भी चीज़ का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इसमें असमानताएँ छिप जाती हैं। उदाहरणतः किसी देश में रहने वाले चार परिवारों में से तीन परिवार ₹500-500 कमाते हैं तथा एक परिवार ₹48,000 कमा रहा है, जबकि दूसरे देश में सभी परिवार ₹9,000 और ₹10,000 के बीच में कमाते हैं। दोनों देशों की औसत आय समान है किंतु एक देश में आर्थिक असमानता बहुत ज्यादा है, जबकि दूसरे देश में सभी नागरिक आर्थिक रूप से समान स्तर के हैं। इस प्रकार 'औसत' तुलना के लिए तो. उपयोगी है किंतु इससे असमानताएँ छिप जाती हैं। इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस तरह वितरित है।


प्रश्न 5. भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? ज्ञात कीजिए। अब से 50 वर्ष पश्चात् क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?



उत्तर- भारत के लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऊर्जा के वर्तमान स्रोत निम्नलिखित हैं


1. कोयला – कोयले का प्रयोग ईंधन के रूप में तथा उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है। वाष्प इंजन जिसमें कोयले का प्रयोग होता है, रेलों और उद्योगों में काम में लाया जाता है।


2. खनिज तेल - खनिज तेल का प्रयोग सड़क परिवहन, जहाजों, वायुयानों आदि में किया जाता है। तेल को परिष्कृत करके डीजल, मिट्टी का तेल, पेट्रोल आदि प्राप्त किए जाते हैं।


3. प्राकृतिक गैस- प्राकृतिक गैस का भी अब शक्ति के साधन के रूप में बहुत प्रयोग किया जाने लगा है। गैस को पाइपों के सहारे दूर-दूर के स्थानों पर पहुँचाया जाता है। इससे अनेक औद्योगिक इकाइयाँ चल रही हैं।


4. जल विद्युत – यह ऊर्जा का नवीकरणीय संसाधन है। अब तक ज्ञात सभी संसाधनों में यह सबसे सस्ता है। इसका प्रयोग घरों, दफ्तरों तथा औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।


5. ऊर्जा के अन्य स्त्रोत – ऊर्जा के कुछ ऐसे स्रोत भी हैं जिनका प्रयोग अभी कुछ समय पूर्व से ही किया जाने लगा है। ये सभी स्रोत नवीकरणीय हैं; जैसे—पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, बायोगैस, भूतापीय ऊर्जा आदि।


ऊर्जा के अधिकांश परंपरागत साधनों का प्रयोग लंबे समय से हो रहा है। ये सभी स्रोत अनवीकरणीय हैं अर्थात् एक बार प्रयोग करने पर समाप्त हो जाते हैं। इनकी पुन:पूर्ति संभव नहीं है। आने वाले 50 वर्षों में से संसाधन यदि इसी तरह इस्तेमाल किए जाते रहे, तो समाप्त प्राय: हो जाएँगे। यदि हमें इन संसाधनों को बचाना है तो ऊर्जा के नए और नवीकरणीय संसाधनों को खोजकर उनका अधिकाधिक प्रयोग करना होगा।


प्रश्न 6 विकसित देशों की किन्हीं तीन प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।


उत्तर- जिन देशों ने प्राकृतिक संसाधनों तथा तकनीकी ज्ञान के बल पर पर्याप्त आर्थिक विकास कर लिया है, वे विकसित देश कहलाते हैं; उदाहरणार्थ – ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान व जर्मनी। 


विकसित देशों - की तीन प्रमुख विशेषताएँ अग्रलिखित हैं



1. उन्नत विज्ञान तथा तकनीकी द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग - प्राकृतिक संसाधन किसी भी देश के आर्थिक विकास की आधारशिला होते हैं। पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन देश के आर्थिक विकास की कुंजी हैं। विकसित देश उन्नत विज्ञान तथा तकनीकी द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके आर्थिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होते हैं। जापान तथा इंग्लैण्ड ने बड़ी मात्रा में कच्चे माल का आयात करके मात्र विज्ञान एवं उन्नत तकनीकी का समुचित उपयोग करके तीवत्रा से विकास किया है।


2. वृहत् स्तर पर औद्योगीकरण सभी विकसित देशों ने आर्थिक स्तर को प्राप्त करने की दृष्टि से बड़े पैमाने के उद्योगों की स्थापना वृहत् स्तर पर कर ली है। ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, जर्मनी आदि देशों ने औद्योगीकरण की ओर विशेष ध्यान दिया है। इन देशों में लोहा-इस्पात उद्योग, रसायन उद्योग, इन्जीनियरिंग उद्योग, मोटरगाड़ी निर्माण उद्योग; पोत व वायुयान निर्माण उद्योग आदि का तीव्र गति से विकास हुआ है।


3. अत्यधिक विकसित यातायात एवं संचार-व्यवस्था - विकसित देशों में यातायात एवं संचार-व्यवस्था का विकास उच्च स्तर पर कर लिया गया है। इन देशों में सड़क तथा वृहत् रेल-पथों का जाल बिछा है। ट्रान्स-साइबेरियन रेलमार्ग विश्व का सबसे लम्बा रेलमार्ग है। इन देशों में रेल तथा वायु परिवहन का भी विकास कर लिया गया है। जल परिवहन नदियों, झीलों तथा नहरों द्वारा सम्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त स्वचालित मोटरगाड़ियों, विद्युत रेलगाड़ियों, पनडुब्बियों, आधुनिक जलयानों तथा तीव्रगामी हवाई जहाजों ने भी इन देशों को एक-दूसरे के निकट ला दिया है। इन देशों में संचार साधनों का भी अत्यधिक विकास हुआ है।


देखें👉👉


👉👉👉👉up board class 10 social science chapter 17


👉👉👉up ncert class 10 social science chapter 16


👉👉👉up class 10 social science chapter 15 notes


👉👉👉up board class 10 social science chapter 14 notes


👉👉👉up board class 10 social science notes chapter 13


👉👉👉सदाचार पर निबंध हिन्दी में


👉👉👉up board class 10 social science chapter 12 notes


👉👉👉👉कक्षा 10 के बाद कौन सा कोर्स करे


👉👉👉up board class 10 social science chapter 10

👉👉👉up class 10 social science chapter 8


👉👉👉up board class 10 social science chapter 7


👉👉👉class 10 social science chapter 6


👉👉👉class 10 social science notes chapter 5


👉👉👉Class 10 social science notes chapter 4


👉👉👉class 10 social science chapter 3


👉👉👉class 10 social science chapter 2


👉👉👉यूपी बोर्ड कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1



👉👉👉जल ही जीवन है पर निबंध


👉👉👉कोरोना वायरस पर निबंध


👉👉👉मेरे प्रिय समाचार पत्र पर निबंध


👉👉👉👉👉👉application for subject change in english

👉👉👉essay on the population probem in india



👉👉👉Up board class 12 most imp central idia


👉👉👉Figures of speech with example


👉👉👉अशोक बाजपेयी काव्य खण्ड युवा जंगल और भाषा एक मात्र अन्तर


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 1 वनारस varansee


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 02 अन्योक्तिविलास


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 03 वीर वीरेन पूजते


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 04 प्रबुद्ध


👉👉👉 कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 05 देशभक्त चंद्रशेखर


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड 06 केन कि वर्धते


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 07 aaruni shvetketu sanvad


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड अध्याय 08 भारतीय संस्कृति


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी का संस्कृत खण्ड अध्याय जीवन सूत्राणि


👉👉👉श्याम नारायण जी की पद्धांश रचना पद


👉👉👉भाषा किसे कहते हैं


👉👉👉कक्षा 10 हिन्दी संस्कृत खण्ड का सम्पूर्ण हल


👉👉👉अलंकार , उसके सभी प्रकार उदाहरण सहित


👉👉👉महत्वपूर्ण पर्यायवाची और संस्कृत में अनुवाद


👉👉👉विद्यालय में अनुशासन के महत्व पर निबंध


👉👉👉यूपी बोर्ड कक्षा 10 हिन्दी किताब का सम्पूर्ण हल


👉👉👉यूपी बोर्ड वार्षिक परीक्षा पेपर कक्षा 9 विज्ञान


👉👉👉बाल विकाश एवं शिक्षा TET


👉👉👉Environmental Studies tet


👉👉👉यूपी बोर्ड वार्षिक परीक्षा पेपर का टाइम टेबल 2022





भी पढ़ें

यदि आपको हमारी पोस्ट पसन्द आई हो तो अपने दोस्तो को भी शेयर करें यदि आपको कुछ पूछना है तो कॉमेंट करके जरुर बताएं यदि आपने अभी तक हमारे यूट्यूब चैनल Subhansh classes को subscribe नही किया हो तो अभी जल्दी से subscribe krlijia








एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad